क्या आप ऐसे स्वतंत्रता सेनानी को जानते हैं?
- जो सशस्त्र क्रांतिकारी, आंदोलनकारी, सत्याग्रही और पत्रकार, साहित्यकार व समाज सुधारक भी रहे ?
- जिन्हें किसी विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला, केवल स्कूली शिक्षा प्राप्त हुई?
- 06 अखबारो का सम्पादन और प्रकाशन किया, महाकाव्य, कविता, कहानी, नाटक गीत, आदि सभी विधाओ मे 32 पुस्तकें लिखी ?
- सत्याग्रह, अहिंसा के साथ किसान आंदोलन का नेतृत्व किया और सफल बनाया ?
- ब्रिटिश हकूमत और राजे-रजवाड़ो द्वारा गरीबों और शोषितों पर अत्याचार से पश्चिम जगत को अवगत करने हेतु अँग्रेजी भाषा मे पुस्तक और पत्रों के द्वारा शोषितों की आवाज को बुलंद कर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाया ?
- 1947 मे देश को आजादी मिली। स्वतन्त्रता सैनानी, क्रांतिकारी जब सत्ता मे अपनी-अपनी हिस्सेदारी तलाश रहे थे, तो उन्होने इस विचार का विरोध किया और इससे तटस्थ रहे।
- जीवन के आखिरी साल गरीबी और गुमनामी मे गुजार दिये। जबकि उनके सहयोगी, शिष्य आदि विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री हुए।
- सिद्धान्तो से कोई समझौता नहीं किया और गरीबी और गुमनामी का जीवन यापन किया
अगर आपका जवाब नहीं है, तो आप महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार,
साहित्यकार विजय सिंह पथिक जी को नहीं जानते।
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