क्या आप ऐसे स्वतंत्रता सेनानी को जानते हैं?

  • जो सशस्त्र क्रांतिकारी, आंदोलनकारी, सत्याग्रही और पत्रकार, साहित्यकार व समाज सुधारक भी रहे ?
  • जिन्हें किसी विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला, केवल स्कूली शिक्षा प्राप्त हुई?
  • 06 अखबारो का सम्पादन और प्रकाशन किया, महाकाव्य, कविता, कहानी, नाटक गीत, आदि सभी विधाओ मे 32 पुस्तकें लिखी ?
  • सत्याग्रह, अहिंसा के साथ किसान आंदोलन का नेतृत्व किया और सफल बनाया ?
  • ब्रिटिश हकूमत और राजे-रजवाड़ो द्वारा गरीबों और शोषितों पर अत्याचार से पश्चिम जगत को अवगत करने हेतु अँग्रेजी भाषा मे पुस्तक और पत्रों के द्वारा शोषितों की आवाज को बुलंद कर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाया ?
  • 1947 मे देश को आजादी मिली। स्वतन्त्रता सैनानी, क्रांतिकारी जब सत्ता मे अपनी-अपनी हिस्सेदारी तलाश रहे थे, तो उन्होने इस विचार का विरोध किया और इससे तटस्थ रहे।
  • जीवन के आखिरी साल गरीबी और गुमनामी मे गुजार दिये। जबकि उनके सहयोगी, शिष्य आदि विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री हुए।
  • सिद्धान्तो से कोई समझौता नहीं किया और गरीबी और गुमनामी का जीवन यापन किया

अगर आपका जवाब नहीं है, तो आप महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, साहित्यकार विजय सिंह पथिक जी को नहीं जानते।

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क्रांतिकारी भारत 1920

विजय सिंह पथिक • 1888-1954

जीवन परिचय

साहस और बलिदान की क्रांतिकारी यात्रा

विजय सिंह पथिक

विजय सिंह पथिक

स्वतंत्रता सेनानी • पत्रकार • साहित्यकार • समाज सुधारक
  • जन्म: 27 फरवरी 1888 (सोमवार,फाल्गुन सुदी १५ संवत १९४४)
  • जन्म का नाम: भूप सिंह
  • जन्म स्थान: ग्राम गुठावली, जिला बुलन्दशहर उत्तर प्रदेश
  • पिता:हमीर सिंह (05 वर्ष की आयु मे ही माता पिता का निधन)
  • माता:कंवल कुँवरी
  • दादा: इन्द्र सिंह राठी (1857 के स्वतन्त्रता सैनानी)
  • शिक्षा:प्राइमरी स्कूल मालागढ़ जिला बुलन्दशहर, स्व-अध्यन
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ग्रंथ संग्रह

विजय सिंह पथिक का साहित्यिक योगदान

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ऐतिहासिक दस्तावेज

विजय सिंह पथिक द्वारा संपादित व प्रकाशित समाचार पत्र

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प्रशंसापत्र

Testimonials

पथिक काम करने वाला है, दूसरे सब बातें हैं। पथिक एक सिपाही आदमी है, बहादुर है, जोशीला और तेज मिजाज है, लेकिन जिद्दी है।

Mahatma Gandhi

महात्मा गांधी

राष्ट्रीय नेता

यह वह प्रदेश है, जहाँ बिजोलिया का विजयी नेता, सरदार पटेल की टक्कर का योद्धा वीर विजय सिंह पथिक अपने और बेगानों से उपेक्षित होकर निर्वासित सा मथुरा, मन्दसौर और मेवाड़ में कृषि-जीवन बिताने को विवश किया जा सकता है।

Kanheyalal Mishra

कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'

जाने माने पत्रकार

पथिक जी केवल नेता, वीर, त्यागी, तेजस्वी, क्रांतिकारी ही नहीं थे, वे कवि, गीतकार, सशक्त लेखक, सफल पत्रकार और राजस्थानी साहित्य के मर्मज्ञ भी थे।

Shri Suryanarayan

श्री सूर्यानारायण

प्रसिद्ध साहित्यकार

पथिक जी वास्तव में एक महान साहित्यकार, लेखक, कवि, इतिहास शोधक और राजनीतिक थे। राजनीतिक संघर्ष ने उनके गंभीर पांडित्य, साहित्यकार और कवि को छिपा रखा। भारत में बहुत कम राजनीतिक नेता उनकी पंक्ति में रखे जा सकते हैं।

Shankar Sahay Saxena

शंकर सहाय सक्सेना

पथिक जी की जीवनी के लेखक