Political & Social Work

पत्रकार, साहित्यकार और राजनैतिक जीवन
(1928 से 1951)
  • विजय सिंह पथिक ने टोडगढ़ किले से भागकर ओछड़ी चित्तौड़ मे शिक्षा का प्रसार कार्य प्रारम्भ, हरिभाऊ किंकर द्वारा संचालित ‘विध्या प्रचारणी सभा’ से जुड़े
  • विध्या प्रचारणी सभा के बैठक मे बिजोल्या से आए साधू सीताराम दास से परिचय, उनके व्यक्तित्व व साहस को देख साधू सीताराम दास ने उनसे उन्हे बिजोल्या चल ‘बिजोल्या किसान आन्दोलन’ का नेतृत्व करने का आग्रह किया
  • 1916: बिजोल्या मे बिजोल्या किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया
  • 1917: बिजोल्या मे उपरमाल पाँच बोर्ड के स्थापना व शिक्षा प्रसार हेतु पाठशाला की स्थापना
  • मेवाड़ रियासत द्वारा किसानो पर 80 प्रकार के लगाए टैक्स/करों व बेगार के खिलाफ किसान सत्याग्रह किया। किसानों ने वर्षों तक खेतों को नहीं जोता और टैक्स/करों को देने से मना किया
  • 1918; महात्मा गाँधी ने बिजोल्या किसान आन्दोलन की जानकारी लेने हेतु अपने सचिव महादेव देसाई को बिजोल्या भेजा
  • पथिक जी से प्रभावित होकर माणिक्य लाल वर्मा ने जमीदार ठिकाने की नौकरी से त्यागपत्र देकर आन्दोलन से जुड़े
  • पथिक जी ने श्री गणेश शंकर विध्यार्थी जी को किसानों के ओर से राखी भेजी। ‘प्रताप अखबार’ के द्वारा बिजोल्या किसान आन्दोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित किया
  • 1919: काँग्रेस के अमृतसर अधिवेशन मे देशी राजाओं के शोषण व किसानों की समस्याओं पर बल गंगाधर तिलक से प्रस्ताव रखवाया
  • 1920: काँग्रेस के नागपुर अधिवेशन मे बिजोल्या के किसानों की समस्याओं पर प्रस्ताव
  • 1920: गाँधी जी के अनुरोध पर वर्धा पहुँचे, सेठ जमना लाल बजाज के आर्थिक सहयाग से राजस्थान केसरी अखबार का सम्पादन किया
  • 1921: सेठ जमना लाल बजाज से मतभेद के बाद अजमेर आये और ‘राजस्थान सेवा संघ’ की नीव डाली शिक्षा, स्वछता, नशा-बन्दी का प्रचार प्रसार
  • ‘नवीन राजस्थान’ समाचारपत्र का प्रकाशन शुरू किया, राजाओं के शोषण के खिलाफ लिखा
  • 5 फरवरी 1922: आन्दोलन के दबाव मे ए0जी0जी0 हालैंड के नेतृत्व मे सन्धि मे किसानों पर लाग्ने वाले 35 प्रकार के टैक्स/करों को माफ किया गया, किसानों पर लगे मुकदमे वापस लिए गये और किसानों की जब्त जमीन वापस की गई
  • बिजोल्या आन्दोलन के बाद सिरोही भील आन्दोलन, बेगु आदिवासी आन्दोलन के दौरान गिरफ्तार हुए। 05 वर्ष (1923 से 1927) उदयपुर जेल मे रहे।
  • जेल मे प्रहलाद-विजय महाकाव्य, पथिक-प्रमोद, पथिक-विनोद आदि पुस्तकों की रचना
  • 1928: मे जेल से रिहा, भरतपुर किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया
  • मेवाड़ मे प्रवेश पर प्रतिबंध लगा
  • 1928: अखिल भारतीय देसी राज्य परिषद की मुम्बई बैठक मे उपाध्यक्ष चुने
  • राजस्थान सन्देश समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया।
  • शराबबंदी, नशाखोरी और मृत्यु-भोज, बाल-विवाह को बंद कराने हेतु सामाजिक कार्य किये
  • 1928: अजमेर के रेल्वे कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ मजदूर संघ की नीव डाली
  • 1928:किसानों और शोषितों पर रियासतों और अंग्रेजों के जुल्म से पश्चिम जगत और अमेरिका तक आवाज बुलन्द करने के लिये अंग्रेजी भाषा मे कालजयी पुस्तक ‘what are Indian States?’ की रचना की और और मुह-बोली बहन मिस ए0 हडसन द्वारा यूरोप,अमेरिका आदि मुल्कों के पत्रकारों और राजनीतिज्ञों को भेजा
  • 1928:ब्रिटिश पार्लियामेंट मे देसी राजाओं द्वारा किसानों और शोषितों पर पर जुल्मों की आवाज विपक्षी सांसदों के माध्यम से उठवायी
  • 1928: प्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष अजमेर मेवाड़ राज्य चुने गये
  • 1930: भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के लाहौर अधिवेशन मे पथिक जी द्वारा लिखित ‘झण्डा गीत’ गाया गया
  • 1930: श्रमिकों की समस्याओं के लिये नियुक्त रायल कमीशन फार लेबर के समक्ष रेल्वे कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी रूप से उठाया
  • 24 फरवरी 1930; जानकी देवी नामक बाल विधवा से विवाह कर उदहरण प्रस्तुत किया
  • 24 मार्च 1930: नमक आन्दोलन मे अजमेर से गिरफ्तार
  • 1931 मे जेल से रिहा, अखबार और प्रेस जब्त की गई, अजमेर छोड़ा
  • 1930 से 1935 आल इंडिया स्टेट्स पीपल्स कान्फ्रेन्स के पब्लिसिटी ब्युरो प्रमुख रहे
  • 1942: राजस्थान मे भारत छोड़ो आन्दोलनका नेत्रत्व किया।
  • 1947 मे देश आजाद, स्वतन्त्रता सैनानी और क्रांतिकारियों मे आजादी मे अपनी हिस्सेदारी लेने की होड़ से व्यथित होकर दूरी बनायी
राजनीतिक और पत्रकारिता जीवन