विजय सिंह पथिक, बचपन का नाम भूप सिंह जन्म 27 फरवरी 1888 (सोमवार,फाल्गुन सुदी १५ संवत १९४४)
विजय सिंह पथिक (वास्तविक नाम भूप सिंह) भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, किसान आंदोलनों, पत्रकारिता और सामाजिक सुधार को अपना जीवन समर्पित कर दिया।
स्थान ग्राम गुठावली, जिला बुलन्दशहर उत्तर प्रदेश पिता- हमीर सिंह, माता-कंवल कुँवरी, (05 वर्ष की आयु मे ही माता पिता का निधन) दादा- इन्द्र सिंह राठी (1857 के स्वतन्त्रता सैनानी) शिक्षा- प्राइमरी स्कूल मालागढ़ जिला बुलन्दशहर, स्व-अध्यन हिन्दी, उर्दू,अँग्रेजी, फारसी, संस्कृत, मराठी, बंगला, मारवाड़ी और गुजरात भाषा के ज्ञाता, इतिहास, राजनीति, दर्शन, साहित्य, धर्मशास्त्र, समाजवाद, आदि विषयो का गंभीर अध्यन।
‘राजस्थान केसरी’, ‘नवीन राजस्थान’, ‘राजस्थान संदेश’ जैसे पत्रों के माध्यम से देशी रियासतों के अत्याचारों को उजागर किया। अंग्रेज़ी पुस्तक “What Are Indian States?” ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज़ पहुँचाई।
स्वतंत्रता के बाद सत्ता और पद से दूरी बनाए रखी। गरीबी और गुमनामी में रहते हुए 28 मई 1954 को अजमेर में उनका निधन हुआ।
“न भूल जाना खुशी के दिन तुम वतन परस्तों के वे फ़साने जिनके बदले हुए मयस्सर हैं ये जश्न, महफ़िल और तराने…”