Revolutionary

क्रांतिकारी जीवन
(1905 से 1915)
  • 1993: माँ का देहांत, बहिन के पास किशनगढ़ मे रहे। चाचा सूबेदार बलदेव सिंह के पास आकर इंदौर मे रहे
  • 1905: महान क्रांतिकारी सचीन्द्र नाथ सन्याल से परिचय, क्रांतिदल मे भर्ती
  • कलकत्ता मे रास बिहारी बोस से संपर्क, बंग अनुशीलन समिति के क्रांतिकारी सदस्य बने
  • माणिकतल्ला मे बारिद्र घोष के ‘युगांतर अखबार’ के प्रकाशन मे सहयोग, बम बनाना सीखा
  • 10 फरवरी 1908: गवर्नर फ्रेज़र तथा जिलाधिकारी किंग्सफोर्ड की गाड़ी पर बम्ब फेंकने वाले खुदी राम बोस व प्रफुल्ल चाकी के सहयोगी रहे
  • 2 मई 1908: अलीपुर षडयन्त्र के 36 क्रांतिकारियों संग गिरफ्तार, सबूतों के अभाव मे बरी
  • 15 मई 1908: ग्रेट स्ट्रीट कलकत्ता के बॉम्ब फेंका
  • 2 जून 1908: धन जुटाने के लिये बैंक मे डकैती डाली
  • 10 फरवरी 1909: अलीपुर षडयन्त्र के सरकारी वकील विश्वास व सरकारी गवाह चटर्जी की गोली मार कर हत्या
  • 1912; दिल्ली के चाँदनी चौक मे लॉर्ड हार्डिंग के काफिले पर रस बिहारी बोस के साथ (दिल्ली षडयन्त्र) बम कांड मे शामिल
  • 1914: रास बिहारी बोस ने क्रांतिकारी संगठन बनाने के लिए गोपाल सिंह खरवा, मास्टर बाल मुकुन्द के साथ राजपूताना/ राजस्थान की ज़िम्मेदारी दी
  • अभिनव-भारत क्रांतिकारी संघठन व वीर-भारत सभा का निर्माण किया
  • 19 फरवरी 1915 के गदर आन्दोलन मे अजमेर छावनी पर कब्जा करने की योजना विफल होने पर भूमिगत हुए
  • 2 मार्च 1915 को ठा0 गोपाल सिंह खरवा के साथ गिरफ्तार, टोडगढ़ किले मे नजरबंद
  • टोडगढ़ किले से भेष बदल कर भागने मे सफल हुए
  • अँग्रेजी सरकार के भूप सिंह को गिरफ्तारी पर बीस हजार रूपये का इनाम घोषित किया
  • भूप सिंह से नाम बदल कर विजय सिंह पथिक रख लिया और साधू भेष मे ओछड़ी चित्तौड़गढ़ पहुँचे
भारतीय क्रांतिकारी
स्रोत: सूचना व प्रकाशन विभाग, भारत सरकार तथा डॉ. पदम सिंह वर्मा द्वारा लिखित “विजय सिंह पथिक” पुस्तक से उद्धृत।